दिल्ली दंगों का मामला: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद गिरफ्तार

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जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद (फाइल फोटो).

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगों (Delhi Riots) की साज़िश के मामले में जेनएयू (JNU) के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद को गिरफ्तार कर लिया है. उमर खालिद का नाम दिल्ली दंगों की लगभग हर चार्जेशीट में है. दिल्ली पुलिस ने ट्रम्प के आने के पहले उसके भाषण और दिल्ली में आरोपियों के साथ हुई बातचीत के कॉल रिकार्ड,आरोपियों के साथ मीटिंग और आरोपियों के बयानों में उसे साज़िशकर्ता बताते  हुए गिरफ्तार किया है. अब साज़िश को लेकर स्पेशल सेल 17 सितम्बर को जो चार्जशीट पेश करने वाली है  उसमें उमर खालिद की पूरी भूमिका के बारे में बताया गया है. उसकी यूएपीए के मामले में गिरफ्तारी हुई है.

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दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच ने जाफराबाद में हुई हिंसा (Jafrabad Violence) के मामले में FIR No. 50/20 में देवांगना कलिता,नताशा नरवाल ,गुलफिशा फातिमा के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की है. चार्जशीट में इन लोगों को आरोपी बनाया गया है. लेकिन इन्होंने अपने बयान में प्रोफेसर अपूर्वानंद ,योगेंद्र यादव ,सीताराम येचुरी ,डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार राहुल रॉय ,इकोनॉमिस्ट जयती घोष,एमएलए मतीन अहमद ,अमानतुल्लाह खान,उमर खालिद का नाम भी लिया है.

दिल्ली पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक दंगों में इनकी भूमिका है. दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में इन्हें आरोपी तो नहीं बनाया है लेकिन इनकी भूमिका की जांच चल रही है. हालांकि जिन लोगों के सीआरपीसी 161 में बयान दर्ज किए गए हैं उन्होंने अपने बयान में हस्ताक्षर नहीं किये हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले में बड़ी साजिश की जांच कर रही है. लेकिन स्पेशल सेल ने दंगों की साजिश को लेकर अब तक कोई चार्जशीट दायर नहीं की है.

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इन लोगों के नाम दंगों से जुड़े कुछ और मामलों में भी हैं लेकिन उन केसों की भी जांच चल रही है. इनमें से कुछ लोगों को दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए बुला चुकी है.

संस्था ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ जिसके कि उमर खालिद सदस्य हैं, ने उनकी गिरफ्तारी पर एक बयान में कहा है कि ”11 घंटे की पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उमर खालिद को दिल्ली दंगा मामले में “साजिशकर्ता” के रूप में गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस दंगों की जांच की आड़ में विरोध प्रदर्शन को अपराध की श्रेणी में घसीट रही है. संस्था ने कहा है कि सीएए और यूएपीए के खिलाफ लड़ाई भयभीत करने की इन सभी कोशिशों के बावजूद जारी रहेगी. अभी हमारी पहली प्राथमिकता यह है कि उन्हें समुचित सुरक्षा दी जाए. दिल्ली पुलिस को हर तरह से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.”



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