देश के विदेशीमुद्रा भंडार में फिर बढ़त दर्ज, 582 अरब डॉलर के पार पहुंचा

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Photo:PTI

विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त

नई दिल्ली। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12 मार्च को समाप्त सप्ताह में 1.739 अरब डॉलर बढ़कर 582.037 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इससे पहले पांच मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.255 अरब डॉलर घटकर 580.299 अरब डॉलर रह गया था। विदेशी मुद्रा भंडार 29 जनवरी 2021 को समाप्त सप्ताह में 590.185 अरब डॉलर के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था।

क्यों आई विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 12 मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में वृद्धि होने की वजह से मुद्रा भंडार में बढ़त दर्ज हुई है। विदेशीमुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होती है। रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि में एफसीए 1.409 अरब डॉलर बढ़कर 541.022 अरब डॉलर हो गयीं। एफसीए को दर्शाया डॉलर में जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्रा सम्पत्तियां भी शामिल होती हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य 33.6 करोड़ डॉलर बढ़ कर 34.551 अरब डॉलर हो गया। देश को अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ) में मिला विशेष आहरण अधिकार 40 लाख डॉलर घटकर 1.501 अरब डॉलर रह गया। आईएमएफ के पास आरक्षित मुद्रा भंडार भी 20 लाख डॉलर घटकर 4.963 अरब डॉलर रह गया।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दुनिया में चौथे नंबर पर

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार है। इस मामले में भारत ने रूस को पीछे छोड़कर यह स्‍थान हासिल किया है। कोविड-19 महामारी के कारण उतार-चढ़ाव से बचने के लिए उभरते देश विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने में जुटे हैं। भारत और रूस के वि‍देशी मुद्रा भंडार में पिछले कई महीनों से वृद्धि जारी है। पहले स्थान पर चीन है जिसके बाद जापान और स्विटजरलैंड





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