ममता बनर्जी के चुनाव एजेंट के खिलाफ केस फिर से बहाल करने के फैसले के खिलाफ SC पहुंची तृणमूल कांग्रेस

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हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी की पार्टी ने SC का रुख किया है (फाइल फोटो)

खास बातें

  • हाईकोर्ट के फैसले को टीएमसी ने दी चुनौती, जल्‍द सुनवाई की मांग की
  • सुपियान को नंदीग्राम प्रदर्शन का आरोपी बनाते हुए FIR की गई थी
  • इस मुकदमें को पिछले साल सरकार ने वापस ले लिया था

नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल में चुनावी घमासान (West Bengal Assembly Elections 2021) के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  का रुख किया है. ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के चुनाव एजेंट एसके सुपियान के खिलाफ आपराधिक मुकदमे फिर से बहाल करने पर हाईकोर्ट (High Court) के फैसले को चुनौती दी है. याचिकाकर्ता टीएमसी के वकील विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सुपियान को 2007 में नंदीग्राम में प्रदर्शन का आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज की गई थी.

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इस मुकदमे को पिछले साल सरकार ने वापस ले लिया था. अब राजनीतिक बदले की नीयत से हाईकोर्ट में PIL दाखिल कर उन्हें फिर से खोलने की चाल चली गई है जबकि नंदीग्राम में पहली अप्रैल को मतदान है. ऐसे में सुपियान चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की. प्रधान न्‍यायाधीश (CJI) एसए बोबडे ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में कुछ भी हो सकता है. कोर्ट ने कहा कि हम इसे देखेंगे. संभव है इसकी सुनवाई के लिए होली की छुट्टियों में विशेष बेंच बना दी जाए. 



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