सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को जुलाई तक के लिए किया गया अग्र‍िम भुगतान : सूत्र

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली:

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Vaccine) बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट और कोवैक्सीन बनाने वाली भारत बायोटेक को केंद्र ने जुलाई तक के लिए अग्रिम भुगतान किया है. यह जानकारी सोमवार रात को वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया. सूत्रों के मुताबिक वैक्सीन के उत्पादन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट के लिए 3000 करोड़ रुपये और भारत बायोटेक के लिए 1000 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया गया है.  सूत्रों ने पुष्टि की कि सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक दोनों को “तुरंत” लाभ मिलेगा.

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बता दें कि कुछ सप्ताह पहले, अंतर-मंत्रालयी टीमों ने यह जानने के लिए भारत में दो मुख्य टीका विनिर्माताओं के स्थलों का दौरा किया था कि उत्पादन में किस तरह तेजी लाई जा सकती है. विभाग ने कहा था कि इस अवधि के दौरान, टीका विनिर्माताओं के साथ बनाई जा रही योजनाओं के संबंध में व्यापक समीक्षाएं और व्यवहार्य अध्ययन किए गए हैं. विभाग ने कहा था कि टीका उत्पादन में वृद्धि के लिए केंद्र भारत बायोटेक के बेंगलुरु में स्थापित नए प्रतिष्ठान को लगभग 65 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

बता दें कि कई राज्यों ने वैक्सीन की किल्लत की शिकायत की थी. इसी बीच पंजाब सरकार ने सोमवार को एक बार फिर केंद्र से अनुरोध किया कि वह तत्काल कोविड रोधी टीके की आपूर्ति करे और राज्य में दो नये ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने के लिये मंजूरी दे, क्योंकि राज्य में दोनों के भंडार तेजी से घट रहे हैं. एक बयान में बताया गया कि समीक्षा बैठक में टीकों की उपलब्धता के बारे में मुख्य सचिव विनी महाजन ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को बताया कि स्थिति गंभीर है क्योंकि सिर्फ तीन दिन के लिये भंडार बचा है. 

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इससी महीने में सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा था कि Covishield बनाने वाले सीरम इंस्‍टीट्यूट को अपना उत्‍पादन बढ़ाने के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये की जरूरत है. पूनावाला ने NDTV से बातचीत में कहा था कि हम भारतीय बाजार में वैक्‍सीन करीब 150-160 रुपये की दर से सप्‍लाई कर रहे हैं जबकि वैक्‍सीन की औसत कीमत लगभग 20 डॉलर (1,500 रुपये) है. नरेंद्र मोदी सरकार के अनुरोध पर हम रियायती रेट पर वैक्‍सीन उपलब्‍ध करा रहे हैं. ऐसा नहीं है कि हम मुनाफा नहीं कमा रहे लेकिन हम सुपर प्रॉफिट नहीं बना रहे जो पुर्नर्निवेश (re-invest) के लिहाज से अहम है.

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