Base of Indian Culture | भारतीय संस्कृति का आधार | हमारी संस्कृति

0
69
Base of Indian Culture भारतीय संस्कृति का आधार- धर्म, समन्वय और आचार

भारतीय संस्कृति का आधार | Base of Indian Culture:

हमारी संस्कृति व्यक्ति-समाज-राष्ट्र के जीवन का सिंचन कर उसे पल्लवित-पुष्पित फलयुक्त बनाने वाली अमृत स्रोतस्विनी चिरप्रवाहिता सरिता है। भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है। यह माना जाता है कि भारतीय संस्कृति यूनान, रोम, मिस्र, सुमेर और चीन की संस्कृतियों के समान ही प्राचीन है। कई भारतीय विद्वान तो भारतीय संस्कृति को विश्व की सर्वाधिक प्राचीन संस्कृति मानते हैं। Base of Indian Culture | भारतीय संस्कृति का आधार | हमारी संस्कृति

भारतीय संस्कृति की विशेषताएं :

हमारी संस्कृति जीवन-दर्शन, व्यक्तिगत और सामुदायिक विशेषताओं, भूगोल, ज्ञान-विज्ञान के विकास क्रम, विभिन्न समाज, जातियों के कारण बहुत विशिष्ट है। यह भिन्नता-विभिन्नता सहज और स्वाभाविक है। हमारी भारतीय संस्कृति सार्वभौमिक सत्यों पर खड़ी है और इसी कारण वह सब ओर गतिशील होती है। कोई भी संस्कृति की अमरता इस बात पर भी निर्भर करती है कि वह कितनी विकासोन्मुखी है।

Indian Culture 2

जिस संस्कृति में युग की मांग के अनुसार विकसित और रूपांतरित होने की क्षमता नहीं होती, वह पिछड़ जाती है। भारतीय संस्कृति आत्मा को ही मुख्य मानती है। शरीर और मन की शुद्धि भी आवश्यक है। जब तक मनुष्य का बाह्य तथा अंतर शुद्ध नहीं होता तब तक वह त्रुटिपूर्ण विचारों को भी सही मानता रहेगा।

हमारी  संस्कृति का विकास धर्म का आधार लेकर हुआ है इसीलिए उसमें दृढ़ता है। भारतीय संस्कृति व्यक्ति को व्यक्तित्व देती है और उसे महान कार्यों के लिए प्रोत्साहित करती है किंतु व्यक्तित्व का चरम विकास यह सामाजिक स्तर पर ही स्वीकार करती है।

भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वाधिक प्राचीन एवं समृद्ध संस्कृति है। अन्य देशों की संस्कृतियां तो समय की धारा के साथ-साथ नष्ट होती रही हैं किंतु भारत की संस्कृति आदिकाल से ही अपने परंपरागत अस्तित्व के साथ अजर-अमर बनी हुई है। इसकी उदारता तथा समन्यवादी गुणों ने अन्य संस्कृतियों को समाहित तो किया है किंतु अपने अस्तित्व के मूल को सुरक्षित रखा है।

भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

1. आध्यात्मिकता एवं भौतिकता का समन्वय,
2. अनेकता में एकता,
3. ग्रहणशीलता,
4. प्राचीनता,
5. निरंतरता,
6. लचीलापन एवं सहिष्णुता,
7. वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना,
8. लोकहित और विश्व-कल्याण और
9. पर्यावरण संरक्षण।

भारतीय संस्कृति का संरक्षण कैसे किया जाए? :

भारत संभवत: विश्व का इकलौता देश होगा, जहां अपनी कला-संस्कृति को बचाने, संजोने और सहेजने को लेकर एक तरह का उपेक्षा का भाव दिखाई देता है। भारतीय संस्कृति को और भी उन्नत बनाने के लिए यह आवश्यक है कि हमारे जो दोष संस्कृति में घर करते गए, हम उन्हें दूर करने का प्रयास करें तभी सच्चे रूप में उन्नति संभव हो सकती है।

Indian Culture 2आज का युग विज्ञान का युग है। हमें नवीन वैज्ञानिक प्रयोगों से लाभ उठाकर देश की उन्नति करनी है। मिथ्या आडंबर और अंधविश्वासों का युग अब बीत चुका है। यह जागरण का युग है जिसमें हमें बड़ी सतर्कता से आगे बढ़ना है। संस्कृति ही किसी देश, समाज या जाति का प्राण है। वहीं से इन्हें जीवन मिलता है। किसी भी देश की सामाजिक प्रथाएं, व्यवहार, आचार-विचार, पर्व, त्योहार, सामुदायिक जीवन का संपूर्ण ढांचा ही संस्कृति की नींव पर खड़ा रहता है। यह संस्कृति की अजस्र धारा जिस दिन टूट जाती है, उसी दिन से उस समाज का बाह्य ढांचा भी बदल जाता है। संस्कृति के नष्ट होते ही किसी सभ्यता का भवन ही लड़खड़ाकर गिर जाता है। Base of Indian Culture | भारतीय संस्कृति का आधार | हमारी संस्कृति

सभ्यता और संस्कृति के विकास का यह असंतुलन सामाजिक विघटन को जन्म देता है अत: इस प्रकार प्रादुर्भूत संस्कृति विलबंना द्वारा समाज में उत्पन्न असंतुलन और अव्यवस्था के निराकरण हेतु आधिभौतिक संस्कृति में प्रयत्नपूर्वक सुधार आवश्यक हो जाता है। विश्लेषण, परीक्षण एवं मूल्यांकन द्वारा सभ्यता और संस्कृति का नियमन मानव के भौतिक और आध्यात्मिक अभ्युत्थान में अनुपम सहयोग प्रदान करता है।

हमारी संस्कृति के संरक्षण के लिए निम्न बातें हमें अपने आचरण में लानी होंगी:

1. अपनी धार्मिक परंपराओं के बारे में जानें,
2. अपनी पुश्तैनी भाषा को बचाना होगा,
3. परंपरागत व्यंजनों की विधि अगली पीढ़ी को सौंपना होगी,
4. संस्कृति की कला और तकनीकी को दूसरों से शेयर करना होगा,
5. समुदाय एवं समाज के अन्य सदस्यों के साथ समय बिताना,
6. सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व के उत्सवों का प्रबंधन और सहभागिता करना,
7. संस्कृति पर गौरव करना और उसे अपने आचरण में उतारना।

कर्मक्षेत्र का आधार बनाकर चलने वाली संस्कृति सदा-सदा जीवित रहती है और अधिक सामर्थ्यवान होती है। वह व्यक्ति व समाज के मूल को ही प्रेरणा देकर संपूर्ण बाह्य ढांचा बदल देती है। Base of Indian Culture | भारतीय संस्कृति का आधार | हमारी संस्कृति

भारतीय संस्कृति को सच्चे अर्थ में मानव-संस्कृति कहा जा सकता है। मानवता के सिद्धांतों पर स्थित होने के कारण ही तमाम आघातों के बावजूद यह संस्कृति अपने अस्तित्व को सुरक्षित रख सकी है।

आज हमें भारतीय संस्कृति के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए अपने समस्त सांप्रदायिक वैमनस्यों को भुलाकर सहिष्णु बनाना होगा। भारतीय संस्कृति की उदार प्रवृत्ति ही हमारी संस्कृति के भविष्य को समुज्ज्वल बना सकती है। Base of Indian Culture | भारतीय संस्कृति का आधार | हमारी संस्कृति

Article Source: Hindi Webduniya

Note:

यदि आपके पास Hindi में कोई  article,  inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: indiafeel.com@gmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here