रोज नए रिकॉर्ड बनाता कोरोना, श्रमिकों को अपने गांवों की तरफ लौटने का सिलसिला तेज, 10 बातें

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लोग एक बार फिर अपने घरों की तरफ वापस लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं

नई दिल्ली:
देश में कोरोना संक्रमण अपने शीर्ष स्तर पर चल रहा है, रोजाना आने वाले मामले 1.5 से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन आंकड़ों का यह सड़कों और बाजारों से दूर है लेकिन बिना डर के अभी कोविड नियमों को अनदेखा करते हुए घूम रहे हैं. मंगलवार को देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,61,736 नए मामले सामने आने के साथ देश में इस महामारी के मामले बढ़कर 1,36,89,453 हो गए हैं. एक्टिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है तो वहीं ठीक होने की दर में गिरावट देखने को मिल रही है. मंगलवार को यह 89.51 फीसदी दर्ज की गई. वहीं महाराष्ट्र में कोविड हालातों को देखते हुए आज रात आठ बजे से 15 दिनों का कर्फ्यू लगा दिया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोशल मीडिया के जरिए महाराष्ट्र के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बुधवार रात आठ बजे से कर्फ्यू शुरू होगा और जरूरी सेवाओं को इससे छूट दी गई है. वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में दुनिया के साझा प्रयासों की वकालत करते हुए कहा कि जब तक सभी देश कोविड-19 के खिलाफ एकजुट नहीं होंगे, तब तक मानवजाति इसे हरा पाना संभव नहीं होगा. इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने व्यापक स्तर पर लॉकडाउन लगाने की संभावना को खारिज कर दिया है.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,61,736 नए मामले सामने आने के साथ देश में इस महामारी के मामले बढ़कर 1,36,89,453 हो गए. कोविड-19 से पीड़ित लोगों के ठीक होने की दर और गिर गई, अब यह 89.51 प्रतिशत है. एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 12,64,698 हो गई है. 

  2. महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि कोरोना वायरस के मामलों पर रोक लगाने से जुड़े दिशानिर्देशों के तहत आज रात आठ बजे से 15 दिनों का राज्यव्यापी कर्फ्यू लगाने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि ‘‘लॉकडाउन की तरह” पाबंदियां लागू रहने तक धारा 144 लागू रहेगी. 

  3. महाराष्ट्र में कर्फ्यू के दौरान आवश्वक सेवाएं जारी रहेंगी, मसलन अस्पताल या वेटेनेरी में काम करने वाले लोगों को छूट रहेगी. सब्जी, डेयरी जैसी जरूरत की चीजों की आवाजाही रहेगी. मीडियाकर्मी, पब्लिक ट्रांस्पोर्ट और स्थानीय निकायों में करने वाले लोगों को कर्फ्यू से बाहर रखा गया है. 

  4. संक्रमण के 13,468 नए मामले सामने आने और संक्रमण की वजह से 81 लोगों की मौत के बाद यह महामारी से देश का सबसे ज्यादा प्रभावित शहर बन गया है. अब तक मुंबई में सबसे ज्यादा 9,986 दैनिक मामले सामने आए हैं. वहीं इसके बाद बेंगलुरु में 6,387, चेन्नई में 2,105 जबकि कोलकाता में 1,271 मामले सर्वाधिक हैं. 

  5. कोविड (COVID) संक्रमण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने राज्य सरकार को पूर्ण लाकडाउन (Lockdown) लगाने पर विचार करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने प्रभावित नगरों में राज्य सरकार को दो या तीन हफ्ते के लिए पूर्ण लाकडाउन लगाने पर विचार करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि सरकार ट्रैकिंग, टेस्टिंग, व ट्रीटमेंट योजना में तेजी लाए. 

  6. देश में एक बार लॉकडाउन की आशंका के चलते राज्यों से एक बार श्रमिकों के अपने गांव लौटने का सिलसिला तेज हो गया है. बड़े पैमाने पर लोग अपने परिवार के साथ वापस लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं. श्रामिकों का एक बार फिर अपने घरों की तरफ लौटना अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है. दिल्ली के स्टेशनों पर मंगलवार को भारी संख्या में प्रवासी श्रामिक देखे गए. 

  7. भारत ने देश में कोविड-19 के मामले ‘‘सबसे अधिक” बढ़ने के बीच कोरोना वायरस टीकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विदेश निर्मित टीकों को आपात इस्तेमाल मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी संदर्भ में देश में तीसरे टीके के तौर पर रूसी टीके ‘स्पूतनिक वी’ को मंजूरी दे दी गई और इससे टीकाकरण अभियान तेज करने में मदद मिलेगी. 

  8. देश में टीकाउत्सव का चौथा दिन है. तीसरे दिन मंगलवार को कोरोना वायरस टीकों की 25 लाख से अधिक खुराकें दी गयीं और इसके साथ ही देश में अब तक दिए गए टीकों की कुल संख्या बढ़कर 11,10,33,925 तक पहुंच गई है. 

  9. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को साफ किया कि सरकार व्यापक स्तर पर ‘लॉकडाउन’ नहीं लगाएगी और महामारी की रोकथाम के लिये केवल स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के कदम उठाये जाएंगे. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के बीच उन्होंने यह बात कही. 

  10. पीएम मोदी ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में साझा प्रयासों की वकालत करते हुए कहा कि इस महामारी ने दुनिया में एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने का अवसर दिया, जिससे मौजूदा समस्याओं और भावी चुनौतियों का निराकरण किया जा सके. प्रमुख वैश्विक सम्मेलन, रायसीना डायलॉग को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि  जब तक सभी देश कोविड-19 के खिलाफ एकजुट नहीं होंगे, तब तक मानवजाति इसे पराजित करने में समर्थ नहीं होगी. 



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