RBI ने किया इस बड़े बैंक का लाइसेंस रद्द, खाताधारकों को जमा राशि में से मिलेंगे केवल इतने रुपये

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RBI cancels licence of Bhagyodaya Friends Urban Co-operative Bank


नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को बताया कि उसने भाग्‍योदय फ्रेंड्स अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (अमरावती) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। क्‍यों‍कि बैंक के पास पर्याप्‍त पूंजी नहीं है और वह अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को पूरी जमा राशि लौटाने में सक्षम नहीं होगा। हालांकि, बैंक द्वारा जमा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 98 प्रतिशत से अधिक जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्‍योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) से उनकी जमा के आधार पर पूरी रकम मिल जाएगी।

बैंक के बंद होने पर, प्रत्‍येक जमाकर्ता को उनके जमा पर 5 लाख रुपये तक की मौद्रिक बीमित राशि डीआईसीजीसी की ओर से डिपॉजिट बीमा दावा के रूप में प्राप्‍त होगी। भाग्‍योदय फ्रेंड्स अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने गुरुवार से ही बैंकिंग सेवाओं को बंद कर दिया है। ऐसा बैंक का लाइसेंस रद्द होने की वजह से हुआ। आरबीआई ने कहा है कि बैंक के पास पर्याप्‍त पूंजी और आय अनुमान नहीं है और इस वजह से ये बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के प्रावधानों को पूरा नहीं करता है।

ऐसी स्थिति में बैंक का निरंतर परिचालन जमाकर्ताओं के हित में नहीं है। आरबीआई ने कहा कि मौजूदा वित्‍तीय स्थिति के हि‍साब से बैंक अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को उनकी पूरी रकम लौटाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में बैंक का परिचालन चालू रखना जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ होगा। महाराष्‍ट्र के को-ऑपरेशन एंड रजिस्‍ट्रार ऑफ कॉपरेटिव सोसाएटीज के कमिश्‍नर को बैंक का लाइसेंस रद्द करने की जानकारी दी गई है और उन्‍हें बैंक को बंद करने और लिक्विडेटर नियुक्‍त करने का निर्देश दिया गया है।

रिजर्व बैंक को ऑन टैप  लाइसेंसिंग के तहत बैंक स्थापित करने के आठ आवेदन मिले

भारतीय रिजर्व बैंक को ऑन टैप यानी कभी भी लाइसेंस के लिए आवेदन करने के दिशानिर्देशों के तहत कुल आठ आवेदन मिले हैं। इसमें सभी प्रकार की सेवाएं देने वाले यूनिवर्सल बैंक स्थापित करने के लिए चार और लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) के लिए चार आवेदन शामिल हैं। यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, द रिपैट्रिएट्स कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट बैंक लि. (आरईपीसीओ बैंक), चैतन्य इंडियन फिन क्रेडिट प्राइवेट लि और पंकज वैश्य और अन्य ने ‘ऑन टैप’ लाइसेंसिंग दिशानिर्देशों के तहत यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।

फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल ने सितंबर, 2019 में चैतन्य में 739 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धता के साथ बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। बंसल चैतन्य के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हैं। वहीं लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) के लिए ‘ऑन टैप’ दिशानिर्देशों के तहत वीसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लि. , कालीकट सिटी सर्विस कोऑपरेटिव बैंक लि. , अखिल कुमार गुप्ता और द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लि. ने आवेदन किया है। निजी क्षेत्र में यूनिवर्सल बैंकों और एसएफबी को ऑन टैप लाइसेंसिंग के दिशानिर्देश क्रमश: एक अगस्त, 2016 और पांच दिसंबर, 2019 को जारी किए गए थे।

दिशानिर्देशों के अनुसार, यूनिवर्सल बैंक के लिए न्यूनतम चुकता वोटिंग इक्विटी पूंजी 500 करोड़ रुपये होनी चाहिए। ऐसे में हर समय बैंक का न्यूनतम नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये होना चाहिए। एसएफबी के मामले में न्यूनतम चुकता वोटिंग पूंजी/नेटवर्थ 200 करोड़ रुपये होना चाहिए। यदि कोई शहरी सहकारी बैंक स्वैच्छिक रूप से एसएफबी के रूप में परिवर्तित होना चाहता है, तो नेटवर्थ की शुरुआती जरूरत 100 करोड़ रुपये है। इसे पांच साल में 200 करोड़ रुपये करने की जरूरत होगी।

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